DBT Voucher Yojana: राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने छात्रों को पढ़ाई के दौरान आवास की परेशानी से राहत देने के लिए अंबेडकर डीबीटी वाउचर योजना शुरू की है। यह योजना 2021-22 से लागू है और इसका मकसद उन विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देना है जो अपने जिले से बाहर सरकारी कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं और किराए के मकान में रहते हैं। बढ़ती महंगाई और हॉस्टल की सीमित सीटों को देखते हुए यह योजना छात्रों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
हर साल मिलते हैं ₹20,000 तक
इस योजना के तहत पात्र छात्रों को अधिकतम 10 महीनों तक ₹2,000 प्रति माह की सहायता दी जाती है। यानी एक शैक्षणिक सत्र में छात्र को कुल ₹20,000 तक मिल सकते हैं। राशि सीधे DBT के जरिए बैंक खाते में भेजी जाती है। एक विद्यार्थी को यह लाभ अधिकतम 5 वर्षों तक मिल सकता है। राज्य स्तर पर हर वर्ष करीब 5,000 विद्यार्थियों को योजना में शामिल किया जाता है।
किन छात्रों को मिलेगा फायदा
योजना का लाभ राजस्थान के मूल निवासियों को दिया जाता है, जो जिला स्तरीय सरकारी महाविद्यालय में स्नातक या स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में नियमित अध्ययन कर रहे हों। लाभार्थी एससी, एसटी, ओबीसी, एमबीसी, अल्पसंख्यक या ईडब्ल्यूएस वर्ग से होना चाहिए। जरूरी शर्त यह है कि छात्र उस शहर का निवासी न हो जहां कॉलेज स्थित है और उसके माता-पिता का वहां खुद का घर भी नहीं होना चाहिए। सरकारी छात्रावास में रहने वाले छात्र इस योजना के पात्र नहीं माने जाते।
परिवार की वार्षिक आय सीमा भी तय की गई है। एससी/एसटी/ओबीसी वर्ग के लिए यह सीमा ₹2.5 लाख तक है, जबकि ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए आय सीमा ₹1 लाख वार्षिक निर्धारित है।
DBT Voucher Yojana आवेदन की ऑफलाइन प्रक्रिया
आवेदन के लिए छात्र को जरूरी दस्तावेज एकत्र कर ई-मित्र केंद्र पर जाना होता है, जहां बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाता है। आवेदन फॉर्म भरकर दस्तावेज अपलोड किए जाते हैं और रसीद प्राप्त करना जरूरी होता है। इसके बाद संबंधित कॉलेज आवेदन का सत्यापन कर जिला सामाजिक न्याय कार्यालय को भेजता है, जहां अंतिम स्वीकृति दी जाती है।
ऑनलाइन आवेदन भी संभव
छात्र SSO पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। पहले SSO आईडी बनाकर लॉगिन करना होता है, फिर डैशबोर्ड पर IFMS-RAJSSP विकल्प चुनकर योजना सूची में से संबंधित योजना पर क्लिक करना होता है। सभी जानकारी भरकर फॉर्म सबमिट किया जाता है। ऑनलाइन प्रक्रिया से छात्र घर बैठे आवेदन कर सकते हैं।
छात्रों के लिए बड़ी राहत
यह योजना उन छात्रों के लिए बेहद उपयोगी है जो आर्थिक कारणों से पढ़ाई के साथ किराया वहन करने में कठिनाई महसूस करते हैं। DBT प्रणाली से पारदर्शिता बनी रहती है और सहायता राशि सीधे खाते में पहुँचती है। उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में यह राज्य सरकार की एक अहम पहल मानी जा रही है।
