B.Ed 1 Year Course 2026: भारत में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए साल 2026 एक नई उम्मीद लेकर आ रहा है। National Council for Teacher Education (NCTE) ने नई शिक्षा नीति 2020 के तहत B.Ed 1 Year Course 2026 को फिर से शुरू करने की तैयारी कर ली है।
पिछले लगभग 10 वर्षों से बीएड की अवधि 2 साल होने के कारण छात्रों का समय और पैसा दोनों ज्यादा खर्च हो रहा था। अब सरकार इस व्यवस्था को आसान बनाते हुए उन छात्रों को राहत देना चाहती है, जिन्होंने पहले ही उच्च शिक्षा पूरी कर ली है।
10 साल का इंतजार खत्म, शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव
B.Ed 1 Year Course 2026 को शिक्षा व्यवस्था में एक अहम सुधार माना जा रहा है। NCTE के नए ड्राफ्ट के अनुसार यह कोर्स खासतौर पर उन उम्मीदवारों के लिए तैयार किया गया है, जिनके पास पहले से ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री है।
इस बदलाव के बाद अब शिक्षक बनने के लिए पूरे 2 साल देने की अनिवार्यता नहीं रहेगी। शैक्षणिक सत्र 2026–27 से यह कोर्स देश के चुनिंदा विश्वविद्यालयों और मान्यता प्राप्त कॉलेजों में लागू किया जाएगा।
B.Ed 1 Year Course 2026: मुख्य जानकारी एक नजर में
यह 1 वर्षीय बीएड प्रोग्राम NCTE के दिशा-निर्देशों पर आधारित होगा। इसका मुख्य उद्देश्य योग्य छात्रों का समय बचाना और शिक्षक बनने की प्रक्रिया को तेज करना है। सरकारी कॉलेजों में इसकी फीस सीमित रखे जाने की संभावना है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को भी लाभ मिल सके।
Eligibility: कौन ले सकता है 1 साल के बीएड में एडमिशन
इस कोर्स में हर छात्र को प्रवेश नहीं मिलेगा। सरकार ने इसके लिए स्पष्ट पात्रता शर्तें तय की हैं।
जो उम्मीदवार Post Graduation (PG) यानी मास्टर डिग्री पूरी कर चुके हैं, वे सीधे इस कोर्स के लिए योग्य होंगे। इसके अलावा नई शिक्षा नीति के तहत 4 वर्षीय ग्रेजुएशन डिग्री करने वाले छात्र भी इस कोर्स में दाखिला ले सकेंगे।
जिन छात्रों ने सामान्य 3 साल का ग्रेजुएशन किया है, उन्हें फिलहाल 2 साल वाला बीएड ही करना होगा। सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 50% अंक जरूरी होंगे, जबकि आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिलेगी।
फीस और फायदे: समय भी बचेगा, पैसा भी
1 साल के बीएड को दोबारा शुरू करने का बड़ा कारण बढ़ती फीस और छात्रों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ है। अनुमान है कि सरकारी कॉलेजों में फीस ₹20,000 से ₹40,000 के बीच रह सकती है।
कम अवधि होने की वजह से सेमेस्टर कम होंगे और कुल खर्च भी घटेगा। इससे मध्यम और गरीब परिवारों के छात्रों के लिए शिक्षक बनना आसान होगा। इस कोर्स में थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर भी ज्यादा जोर दिया जाएगा, जिससे शिक्षकों की गुणवत्ता बेहतर हो सके।
Admission Process: कैसे होगा दाखिला
B.Ed 1 Year Course 2026 में एडमिशन Entrance Exam (CET) के जरिए होगा। सीटें सीमित रहने की वजह से बिना प्रवेश परीक्षा के दाखिला मिलना मुश्किल माना जा रहा है।
छात्रों को संबंधित राज्य या विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। काउंसलिंग के माध्यम से कॉलेज अलॉट किए जाएंगे। यह कोर्स केवल रेगुलर मोड में ही कराया जाएगा, ऑनलाइन मोड को अभी मंजूरी नहीं दी गई है।
करियर स्कोप और शिक्षक भर्ती पर असर
1 साल का बीएड पूरा करने के बाद अभ्यर्थी TGT और PGT जैसी शिक्षक भर्तियों के लिए योग्य होंगे। इससे वे कक्षा 6 से 12वीं तक पढ़ा सकेंगे।
सरकारी भर्तियों के साथ-साथ प्राइवेट स्कूलों में भी प्रशिक्षित शिक्षकों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में यह फास्ट-ट्रैक कोर्स युवाओं को जल्दी नौकरी पाने में मदद कर सकता है।
यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और NCTE के ड्राफ्ट पर आधारित है। B.Ed 1 Year Course 2026 से जुड़ी अंतिम फीस, कॉलेजों की सूची और नियम आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे। आवेदन से पहले ncte.gov.in पर जारी सूचना जरूर जांचें।
